महिला अधिवक्ता ने पुलिस पर लगाया एफआईआर न दर्ज करने का इल्जाम, कानूनी कार्रवाई की मांग
छतरपुर। शहर के महाराजा छत्रसाल रेलवे स्टेशन पर एक महिला अधिवक्ता के साथ टीटी द्वारा छेड़छाड़, गाली-गलौज और शारीरिक अभद्रता का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़िता ने सिविल लाइन थाने में शिकायत की, लेकिन प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज न होने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता के मुताबिक उसने रेलवे अधिकारियों को भी शिकायत की, लेकिन उल्टा उनके और उनके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। टीकमगढ़ जिले की झिर की बगिया निवासी अधिवक्ता मिथलेश रजक ने बताया कि 30 जुलाई 2025 को वह महामना एक्सप्रेस से कोर्ट कार्य और अपने पति को दवा देने के लिए छतरपुर आई थीं। सुबह 11:40 बजे रेलवे स्टेशन पर उतरने के बाद, वह अपने दो साल के बच्चे को टिकट काउंटर के पास उतार रही थीं, तभी टीटी संदीप तिवारी ने टिकट मांगने के बहाने उनका हाथ पकड़ लिया और अभद्र टिप्पणी की। मिथलेश ने बताया कि उनके पास मोबाइल में वैध टिकट था, लेकिन संदीप तिवारी ने उनकी बात न सुनी और छेड़छाड़, शारीरिक उत्पीड़न व गंदी गालियां दीं। इस दौरान उनके पति, जो उन्हें लेने आए थे, ने विरोध किया तो संदीप ने उन्हें भी गालियां दीं और धक्का-मुक्की की। मिथलेश ने सिविल लाइन थाना प्रभारी से बात की, जिन्होंने मामले को हल्का बताकर टाल दिया। उन्होंने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर शिकायत दर्ज की, जिसके बाद खजुराहो रेलवे इंस्पेक्टर ने फोन कर संदीप की ओर से माफी मांगने की बात कही। करीब 12 मिनट की बातचीत में मिथलेश ने पूरी घटना बताई, जिसकी कॉल डिटेल उनके पास है। मिथलेश ने रेलवे अधिकारियों को रजिस्ट्री के जरिए शिकायत भेजी, जिसकी पावती भी उनके पास है। हैरानी की बात यह है कि उसी दिन शाम 5:30 बजे संदीप तिवारी, जो स्थानीय और कथित तौर पर राजनैतिक प्रभाव रखते हैं, ने मिथलेश और उनके पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी। मिथलेश का कहना है कि संदीप द्वारा बनाए गए वीडियो में केवल उनके पति को गलत ठहराया गया, जबकि उनके पास वैध टिकट था और वह बच्चे के साथ थीं। मौके पर मौजूद पूजा अहिरवार, सत्यम कुमार, रितु लोधी और ऋषि लोधी गवाह हैं, जिनसे पूछताछ की मांग की गई है। मिथलेश ने रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, मोबाइल कॉल डिटेल और स्क्रीनशॉट जैसे सबूतों के आधार पर पुलिस अधीक्षक से टीटी संदीप तिवारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनकी शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जबकि उल्टा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।

