0 कबीर आश्रम में संगीतमय सत्संग कार्यक्रम किया गया आयोजित
शुभ न्यूज महोबा। शहर के कटकुलवापुरा स्थित कबीर आश्रम में संत कबीर अमृतवाणी संगीतमय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया। सत्संग की शुरूआत करीब वंदना जय कबीर जय कबीर जय गुरू कबीरा, दास तोरे द्वार खड़े उनकी हरो पीरा से की गई गई। इसके बाद कबीर प्रेमियों द्वारा भजन और कबीर दोहे सुनाए साथ ही समिति प्रमुख द्वारा भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन की वार्ता को श्रीमद् भागवत गीता के श्लोक की व्याख्या करते हुए समझाया गया।
सत्संग में साईं डिग्री कालेज के प्राचार्य एवं समिति प्रमुख डा0 एलसी अनुरागी ने श्रीमद् भागवत गीता को अध्याय 18 के श्लोक संख्या 55 की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को समझाया कि सच्ची भक्ति से मुझे साधारण से साधारण मनुष्य भी प्राप्त कर सकता है। कहा कि वास्तव में परमात्मा प्रत्येक प्राणी में रहता है, जिस तरह कबीर के दोहा ज्यों तिल माहि तेल है, ज्यों चकमक में आग। तेरा साईं तुझ ही में है, जाग सके तो जाग।। अर्थात् जिलस प्रकार तिलों में तेल और चकमक पत्थर में आग छुपी रहती है उसी प्रकार परमात्मा प्रत्येक प्राणी के हृदय में वास करता है। संगम सिंह चंदेल ने सावन पर आधारित गीत शुभ दिन आन लगे सावन के झूला झूलन नंद किशोर सुनाया। पंडित जगदीश रिछारिया ने राधा कृष्ण की छेड़छाड़ का भजन लैके गगरिया गई ती बजरिया, बजरिया में मिल गयो बांसुरी बजैया की बेहतरीन प्रस्तुति दी।
सत्संग में भजन गायक सरदार इंद्रजीत सिंह ने काहे तेरी अखियों में पानी, काहें तेरी अखियों में पानी, कृष्ण दीवानी मीरा, श्याम दीवानी, कृष्ण दीवानी मीरा, श्याम दीवानी, ओ मीरा प्रेम दीवानी, ओ मीरा कृष्ण दीवानी भजन उत्पन्न हुए प्रेम रुपी सागर में लोगों को डुबकी लगाने के लिए विवश कर दिया। पंडित हरीशंकर नायक ने कबीर दोहा प्रस्तुत करते हुए कहा कि तीरथ गये ते एक फल, सन्त मिले फल चार, सत्गुरु मिले अनेक फल, कहें कबीर विचार। अर्थात तीथ र्यात्रा करने से एक फल (पुण्य) मिलता है, लेकिन सच्चे संतों की संगति से चार फल ( धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष) प्राप्त होते हैं। कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने रुढियों को जड़ से समाप्त करने के लिए रचना सुनाई कि कबीर मेरा बेड़ा पार करो, समाज से जाति पाति अंधविश्वास का नाश करो। संगीतमय संत्संग में सुनील कुमार जोशी ने तबला बजाकर चार चांद लगा दिए। इस मौके पर पं0 आशाराम तिवारी, राजाराम चौरसिया, संतोष अनुरागी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।
सच्ची भक्ति से साधारण मनुष्य भी भगवान को कर सकता है प्राप्त
August 03, 2025
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