0 चादरपोशी के बाद देर रात तक होती रही इल्म-ए-दीन की तकरीर
शुभ न्यूज महोबा। शहर के मदीना मस्जिद चौराहा के समीप स्थित हजरत अमीर शहीद रहमत उल्लाह अलैह का सालाना संदल और उर्स धूमधाम से मनाया गया। मजार परिसर में अजीमोशान जलसा का आयोजन कर नातिया कलाम के नजराने पेश किए गए साथ ही उलमा-ए-कराम ने तकरीर कर अल्लाह व रसूल के बताए रास्ते पर चलकर जिंदगी गुजर बसर करने की सलाह दी। उर्स के मौके पर बाबा के आस्ताने पर अकीदतमंदों का तांता लगा रहा। मजार पर चादरपोशी व नजरो नियाज का सिलसिला देर रात तक चलता रहा और आए हुए लोगों को दालचा नाद, बिरयानी आदि तबर्रूख वितरित किया गया।
हजरत अमीर शहीद रहमत उल्लाह अलैह के सालाना उर्स के मौके पर अकीदतमंदों ने डीजे ढोल नगाड़ों के साथ चादर जुलूस निकाला जो आसपास के मोहल्लों से होते हुए मजार-ए-अकदस पर पहुंची, जहां पर अतीशबाजी की रंग बिरंगी रोशनी का बेहतरीन नजारा पेश किया गया। कमेटी द्वारा मजार पर चादरपोशी की गई और चादर पर फूल और इत्र लगाया गया, जिससे मजार परिसर महक से गुलजार हो गया। लोगों ने अदब के साथ फातिहा में सरीख हुए और दुआएं मांगी। अकीदमंदों ने मजार पर सिर छुकाकर अपनी जायज मुरादे मानी और अपने और अपनो को हर बीमारी और बुराईयों से दूर रहने की दुआ की।
उर्स के मौके पर फातिहा के बाद नातिया कलाम पेश किए गए, जिसे सुन लोग वाह वाह करते हुए हाफिजों से मुसाफा करने को मजबूर हो गए। इसके बाद एक तहरीर का आयोजन किया गया, जिसमें पुरुष और महिलाओ को बैठने के माकूल इंतजाम किया गया तकरीर में काजी-ए-शहर सैयद आफाक हुसैन ने कहा कि अल्लाह इल्म-ए-दीन हासिल करने वालों से बेहद खुश होता है, इसलिए आपको चाहिए की इल्म-ए-दीन खुद भी हासिल करें और घर वालों को भी सिखाएं। इंसानियत की भलाई में जितना भी तरीका और शिक्षाएं इस्लाम में दी गई वो कहीं और नहीं है। उर्स के मौके पर देर तक तक तकरीर का आयोजन होता रहा, जिससे सुनने के लिए भी लोग बैठे रहे।

