0 सामान का पैकेट न लेने पर कोटेदार राशनकार्ड धारकों को राशन देने में करते आनाकानी
शुभ न्यूज महोबा। शासन द्वारा राशनकार्ड धारकों को निशुल्क राशन देने की योजना अब गरीबों को रास नहीं आ रही है। कोटे की दुकानों से मिलने वाला खाद्यान्न तो मुफ्त दिया जा रहा है, जिसकी कीमत लगभग 50 से 60 रुपये होती है, लेकिन कोटेदारों द्वारा निशुल्क राशन के नाम पर साबुन, मसाला, वॉशिग पाउडर आदि का पैकेट बनाकर ग्राहकों को 100 में थमाया जा रहा है और जो इस पैकेट को लेने का विरोध करते हैं तो कोटेदार उन्हें राशन न देने की धमकी देकर जबरन बिक्री कर रहे हैं शोषण किया जा रहा है। यूपी सरकार के आदेश जारी होने के बाद कोटेदारों को उक्त सामान बेचने की अनुमति दी गई थी, लेकिन कुछ कोटेदार सरकार से मिली अनुमति का राशनकार्ड धारकों का शोषण कर रहे हैं।
शहर के नारूपुरा इलाके की दो सरकारी राशन की दुकानों पर यह मनमानी चल रही है। लाभार्थियों को साबुन, मसाला और टूथपेस्ट जैसी चीजें खरीदनी पड़ रही हैं। सामान नहीं खरीदने पर उन्हें मुफ्त राशन से वंचित कर दिया जाता है। शेखूनगर की मालतीबाई और रामकली को 100 रुपए का सामान खरीदने के बाद ही राशन मिला। नयापुरा नैकाना की मीनू सोनी ने सामान खरीदने से मना किया तो उसे काफी समय तक खड़ा करने के बाद उसने मजबूर होकर 100 देकर सामान खरीदा, तब कहीं जाकर उसे निशुल्क गेहूं चावल नसीब हो सका। राशनकार्ड धारकों ने बताया कि कोटेदार द्वारा जो सामान दिया जाता है वह इस्तेमान करने में भी अपना असर नहीं दिखाता रहा है।
कोटेदारों द्वारा न जाने कितने राशनकार्ड धारकों को जबरन 100 का पैकेट खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा हैं। बावजूद इसके इस ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। पूर्ति निरीक्षक प्रवीण कुमार वर्मा का कहना है कि शासनादेश में कोटेदारों को 35 वस्तुएं रखने और बेचने की अनुमति है, लेकिन यह खरीद स्वेच्छा से होनी चाहिए। उन्होंने जबरदस्ती की शिकायत पर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है। सरकार की मुफ्त राशन योजना का उद्देश्य गरीबों को राहत देना है। लेकिन कोटेदारों की मनमानी से यह योजना लाभार्थियों के लिए 100 रुपए का अतिरिक्त बोझ बन गई है।
कोटेदार द्वारा राशनकार्ड धारकों को जबरन थमाया जा रहा 100 का सामान
September 12, 2025
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