जिले भर में हुआ प्रतिमाओं का विसर्जन, चुस्त रही व्यवस्थाछतरपुर। आदिशक्ति मां दुर्गा की उपासना के बाद भक्तों ने विधि-विधान से मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जित करते हुए विदाई दी। संपूर्ण जिले के चिन्हित जलस्रोतों में प्रशासन और पुलिस की चौकस निगरानी के बीच प्रतिमाओं को विसर्जित कराया गया। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत सभी स्थानों पर प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल के साथ गोताखोरों की टीमों को भी तैनात रहीं।नौगांव क्षेत्र से निकली धसान नदी के गर्रोली घाट पर दिन भर प्रतिमाओं के विसर्जन का दौर चला। यहां जिला मुख्यालय तक से भक्तों की मंडली प्रतिमाओं को विसर्जित करने पहुंची। डीजे पर देवी मां के विदाई गीत बजाते हुए भक्त घाट पर पहुंचे, जहां प्रतिमाओं की अंतिम आरती उतारकर विधिपूर्वक विसर्जन किया गया। नौगांव तहसीलदार रमेश कोल ने बताया कि गर्रोली घाट में प्रतिमाओं का विसर्जन प्रात:काल से शुरु हो गया था। यहां नौगांव नगर पालिका द्वारा बड़ी प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए हाइड्रा की व्यवस्था की गई साथ ही बैरिकेड्स भी लगाए गए, जिनके अंदर किसी व्यक्ति जाने नहीं दिया गया। गोताखोरों की टीम द्वारा प्रतिमाओं को गहराई में ले जाकर विसर्जित किया गया, जिससे दिन भर में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। उन्होंने बताया कि एसडीआरएफ की टीमों को भी घाट पर तैनात रखा गया है, जो लोगों पर नजर बनाए हुए हैं।
पचेर घाट पर भी दिन भर चला विसर्जन
इसी तरह ईशानगर क्षेत्र के पचेर घाट पर भी दिन भर प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। देवी प्रतिमाओं को गाजे-बाजे के साथ घाट पर ले जाया गया और पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन हुआ। इस दौरान कई भक्तों की आंखें नम दिखाई दीं। प्रशासनिक अधिकारियों ने घाट पर लाइट और बैरिकेडिंग की व्यवस्था रखी। पचेर घाट पर बड़ी संख्या में प्रतिमाओं का विसर्जन हुआ। थाना प्रभारी मनोज गोयल, आरआई नंदलाल अहिरवार, पटवारी अभिषेक गोस्वामी, वीरेंद्र आचार्य और शंकर लाल ने एनडीआरएफ की टीम के साथ निगरानी की।

