0 कीरत सागर सरोवर में विसर्जन दौरान भक्तों डीजे की धुन पर उड़ा रहे थे गुलाल
शुभ न्यूज महोबा। जिले में भक्तों ने नौ दिनों तक माता के नौ स्वरूपों की पूजा के बाद दसवें दिन गुरूवार को विसर्जन कर माता को विदाई दी। सुबह स्नान ध्यान के बाद पूजा अर्चना की गई और इसके बाद पुरोहित की मौजूदगी में माता को विदा करने के कार्य में जुट गए। दशमी को विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं को वाहन पर रख कर शोभायात्रा निकाली गई। जयकारे के बीच नाचते गाते सरोवर तटों पर पहुंचे भक्तों ने माता की मूर्तियों को विसर्जित किया। शहर के कीरत सागर सरोवर सहित जिले के विभिन्न तालाबों पर विधि विधान से मूर्तियों का देर रात तक विसर्जन किया गया।
शहर में डेढ़ सैकड़ा से अधिक स्थानों पर भक्तों ने पंडाल सजाकर दुर्गा के स्वरूपों की प्रतिमाओं को विराजमान किया था और प्रतिदिन पूजा अर्चना और आरती कर मां को प्रसन्न करने में भक्त जुटे रहे साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों के साथ लोगों को प्रसाद का भी वितरित किया। गुरूवार की दोपहर बाद से शहर के विभिन्न स्थानों से दुर्गा प्रतिमाओं को वाहनों में रखकर भक्तों ने गाजे बाजे के साथ जुलूस निकाला जो शहर के प्रमुख चौराहो से होते हुए कीरत सागर सरोवर पहुंचा, जहां पर मूर्ति विसर्जन के लिए वाहनों की लम्बी लाइन लगी रही। प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में प्रतिमा रखे एक एक वाहन को कतारबद्ध तरीके से सरोवर तट पर पहुंचाया जहां पर भक्तों ने नम आंखों के साथ विधि अनुसार रात्रि करीब ग्यारह बजे तक प्रतिमाओं को विसर्जित किया।
बेलाताल प्रतिनिधि के अनुसार जैतपुर में जगह जगह मां दुर्गा की झांकी सजाई गई थी ओर नौ दिन तक सेवा करने के बाद गुरूवार को अंतिम दिन मां दुर्गा की झांकी निकालकर जैतपुर नगर भ्रमण के बाद बेला सागर के तटीय स्थल पर मां दुर्गा का विसर्जन बड़े धूमधाम से किया गया। मोहल्ला खटक्याना से जय मां काली की मूर्ति निकालकर नगर का भ्रमण किया। जुलूस दौरान घोड़े बैंडबाजा व डीजे पर धार्मिक धुनों के साथ भारी संख्या में भक्तों की भीड़ मौजूद रही जो उछलते और गाते और मां भवानी के जयकारा लगा रहे थे। विसर्जन से पूर्व भक्तों ने जगह जगह मां दुर्गा व अन्य स्व्रूपों की आरती उतार कर सुख समृद्वि की कामना करते हुए नौ दिनों तक मां की सेवा करने के बाद बेलासागर में नम आखो से मूर्ति का विधि विधान के साथ विसर्जन किया भारी भीड़ की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस व्यवस्था चाक चौबंद रही जुलूस शांतिपूर्ण समापन हुआ।
