शुभ न्यूज महोबा। सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में बुधवार को रानी लक्ष्मीबाई व भाऊराव देवरस की जयंती पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वीरांगना लक्ष्मीबाई और आरएसएस के प्रचारक भाऊ देवरस के जीवन पर वक्ताओं ने प्रकाश डाला। इस मौके पर छात्र छात्राओं ने वीरांगन पर आधारित गीत सुनाकर उपस्थित लोगों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री कमलेश सिंह ने रानी लक्ष्मीबाई के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रानी लक्ष्मीबाई ने अंग्रेजों की गुलामी कभी स्वीकार नहीं की और युद्ध भूमि में अंग्रेजी सेना से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हुई। प्रधानाचार्य ने भाऊराव देवरस के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त करते हुए स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डा. हेडगेवार के संपर्क में आकर अपने देश को सामर्थ्यवान बनाने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्र कार्य में लगाकर संघ प्रचारक बने। कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षण संस्थाओं को विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान का एक वटवृक्ष बनाने में संघ के प्रचारक ने काफी सहयोग दिया। छात्र ने बुंदेले हर बोलो कि मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी। गीत प्रस्तुत कर लोगों को वीरांगन की वीराता से रूबरू कराया।
छात्र निवेद सोनी ने कहा कि रानी लक्ष्मीबाई एक ऐसा नाम जो सुनते ही मन जोश और उत्साह से भर जाता है। जिन्होंने अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए, इनका नारा था कि मैं जीते जी अपनी झांसी किसी को नहीं दूंगी। बचपन से ही रानी लक्ष्मीबाई अस्त्र शस्त्र चलाने में निपुण एक निडर, पराक्रमी, व साहसी महिला थी। छात्रा यशस्वी श्रीवास्तव ने कहा कि भाऊ राव देवरस एक सामान्य परिवार से निकले हुए थे, जिनकी समाज सेवा में विशेष रूचि थी पढ़ाई के साथ साथ संघ के कार्य से जुड़े और संघ के कार्य को उन्होंने बहुत आगे तक बढ़ाया। सरस्वती शिशु मंदिर के मार्ग दर्शन के रूप में भाऊराव देवरस का नाम अग्रणी है। कार्यक्रम के प्रमुख मनोज ने रानी लक्ष्मीबाई तथा भाऊ राव देवरस के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला एवं न हो साथ कोई अकेले बढ़ो तुम गीत गाकर बच्चों के अंदर उत्साह भरा । कार्यक्रम का संचालन भैया वेदांत सिंह ने किया। इस अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।
सरस्वती विद्या मंदिर कालेज में रानी लक्ष्मीबाई और भाऊ देवरस की जायंती पर गोष्ठी संपन्न
November 19, 2025
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