0 तत्कालीन एसपी को जिला महोबा में प्रवेश किए जाने पर न्यायालय ने लगाई रोक
शुभ न्यूज महोबा। एक्सप्लोसिव डीलर से कारोबार चलाने के लिए पैसा मांगने और न देने पर एसपी की धमकी से आहत विस्फोटक कारोबारी इंद्रपाल त्रिपाठी ने गोली मारकर सितम्बर 2020 में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार पर कारोबारी को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज होने के बाद वह फरार हो गए थे। पुलिस अधिकारियों ने मणिलाल पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। 29 अक्टूबर 2022 को तत्कालीन एसपी ने न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया था। करीब तीन साल बाद अब तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने जारी आदेश में पूर्व एसपी को महोबा जपवउ के प्रवेश पर रोक भी लगा दी है।
कस्बा कबरई के विस्फोटक व्यापारी इंद्रकांत त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन पुलिस अधीक्षक महोबा मणिलाल पाटीदार ने एक्सप्लोसिव का कारोबार करने के नाम पर पैसे की मांग की थी। हर माह पैसा न देने पर सबक सिखाने की धमकी भी दी गई थी, जिससे बुरी तरह सहमे कारोबारी ने 6 सितम्बर 2020 को तत्कालीन एसपी के खिलाफ वीडियो वायरल किया था, इसके बाद 7 सितम्बर को अपनी ही कार में गोली मार ली थ, इसके बाद उसे रिजेंसी कानुपर में भर्ती कराया था, जहां एक सप्ताह बाद उसकी मौत हो गई थी। पुलिस अधिकारियों ने तत्कालीन एसपी को निलंबित कर दिया था और उनके स्थान पर एसपी अरुण श्रीवास्तव को महोबा का चार्ज दे दिया था। इस घटना के बाद तत्कालीन एसपी फरार हो गए थे। जगह जगह छापामारी के बाद भी सुराग न लगने पर पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मणिलाल पाटीदार पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया था।
पुलिस की छापामारी के बाद तत्कालीन एसपी ने 29 अक्टूबर 2022 को न्यायालय में आत्म समर्पण कर दिया था। इसके बाद से लगातार पूर्व एसपी जेल में रहे। हाईकोर्ट से जमानत निरस्त होने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से पूर्व एसपी मणिलाल पाटीदार को तीन साल बाद जमानत मिल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने जमानत के साथ पूर्व एसपी को महोबा जनपद में प्रवेश न करने का भी आदेश जारी किया है।
तीन साल बाद तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार को सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत
November 08, 2025
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