शुभ न्यूज महोबा। प्रदेश में लगातार पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज होने और उन पर जानलेवा हमला किए जाने के विरोध में सोमवार को राष्ट्रीय पत्रकार कल्याण परिषद के बैनर तले पत्रकारों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इसके बाद परिषद के जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश नायक के नेतृत्व में पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपकर पत्रकारों का उत्पीड़न और फर्जी मुदकमों की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग उठाई।
जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का उत्पीड़न किया जा रहा है। प्रदेश में लगातार पत्रकारों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज कर उनका शोषण किया जा रहा है साथ ही उन पर दबाव बनाकर उनकी आवाज को दबाए जाने की निरंतर कोशिश की जा रही है। बताया कि अभी हाल ही में जिला ललितपुर में गौशाला की वास्तविक स्थिति को उजागर किए जाने पर पत्रकार देवेंद्र कौशिक के विरुद्ध षडयंत के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया, जबकि संपूर्ण मामले का सोशल मीडिया में वीडियो वायरल हुआ, जिसमें स्पष्ट दिख रहा है कि कुछ महिलाएं लाठी डंडे लेकर पत्रकार पर हमला करने के लिए दौड़ रही है और प्रशासन ने पत्रकार पर ही एससी एसटी सहित अनेक मुकदमे दर्ज कर जेल भेज दिया, जिसकी पत्रकार संगठन घोर निंदा कर विरोध जता रहे हैं।
ज्ञापन में बताया कि इसी प्रकार उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 18 नवम्बर को पत्रकार सुशील अवस्थी राजन को उनके ही घर के समीप अज्ञात हमलावरों ने जानलेवा हमला किया था, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए थे। पत्रकार पर हमला करने वाले दो अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार तो किया, लेकिन उनसे बिना पूछताछ किए जेल भेज दिया, जो चिंता का विषय है। जबकि पत्रकार पर हमला करने वाले अन्य आरोपी आज भी फरार चल रहे हैं। राष्ट्रीय पत्रकार कल्याण परिषद ने मुख्यमंत्री से पत्रकारों पर बढ़ते हमलों व दर्ज फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में श्यामजी तिवारी, हरीसिंह वर्मा, अजय सेन, सत्यनारायण मोनू अग्रवाल, राकेश दीक्षित, नरेंद्र अग्रवाल, रामलखन नामदेव, अरविंद चतुर्वेदी, जितेंद्र राजपूत सहित दर्जनो पत्रकार शामिल हैं।

