शुभ न्यूज महोबा। विधान परिषद सदस्य जितेंद्र सिंह सेंगर ने विधान परिषद बजट सत्र के दौरान नियम 111 के तहत सदन का ध्यान आकृष्ट करते हुए मौजा कुलपहाड़ के किसानों की खतौनी का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। एमएलसी ने बताया कि किसानों की मृत्यु के बाद उनकी वरासत और नामातरण प्रक्रिया का कार्य नहीं हो पा रहा है, जिससे किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा का लाभ नहीं मिल रहा है।
एमएलसी ने सदन में बताया कि 30 जुलाई 2022 को मौजा कुलपहाड़ के अंतर्गत लगभग 3200 खातेदार और 7500 एकड़ कृषि भूमि अच्छादित है। धारा 52 का प्रकाशन हो जाने के बावजूद किसानों मृत्यु के उपरांत वरासत का संकट बढ़ गया है। बताया कि शासन द्वारा ई फॉर्मर रजिस्ट्री भी तकनीकी कारण से नहीं हो पा रही है, जबकि चकबंदी प्रक्रिया और राजस्व विभाग खतौनी टंकण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, जिससे राजस्व विभाग खतौनी भी कंप्यूटरीकृत उपलब्ध नहीं करा पा रहो है जिससे क्षेत्रीय किसानों में गुस्सा है।
बताया कि किसानो के हित में मौजा कुलपहाड़ के किसानों की खतौनी को राजस्व विभाग में कंप्यूटर अभिलेख अतिशीघ्र जारी कराया जाना आवश्यक है, जिससे जनहित में अविलम्ब समस्या पर सदन का ध्यान आकर्षित करते हुए जिले के मौजा कुलपहाड़ के किसानों की खतौनी राजस्व विभाग कंप्यूटर अभिलेख में अति शीघ्र जारी कराए जाने के लिए कार्रवाई कराई जाने की सदन में वक्तव्य दिलाए जाने की मांग की। उक्त प्रकरण में सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह ने शासन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए है।

